Divine Rudraksha Introduction
रुद्राक्ष की दिव्य शक्ति आदि काल से ग्रह दोषों तथा अन्य समस्याओं से मुक्ति हेतु रत्न धारण करने की परंपरा है। कुंडली के अनुरूप सही और दोषमुक्त रत्न धारण करना फलदायी होता है। हिन्दू धर्म में रुद्राक्ष को बहुत पवित्र और पूज्यनीय माना जाता है. रुद्राक्ष के विषय में कहा जाता है की इसका उद्भव भगवान शंकर के आंसुओं से हुआ है. इसी कारण से इसको रुद्राक्ष नाम से जाना जाता है. रुद्राक्ष को धारण करने से व्यक्ति को कई प्रकार से लाभ होता है, रुद्राक्ष कई मुखी होते है जो अलग अलग प्रकार के फल प्रदान करते है। रुद्राक्ष धारण करने से ना केवल राहु, शनि, केतु, मंगल जैसे क्रूर ग्रहों के दुष्प्रभाव से होने वाले रोगों व संकटों का नाश होगा, जीवन के संघर्षों से आपको राहत मिलेगी, साथ ही अकाल मृत्यु, दुर्घटनाओं को रोकेगा शिव का एक चमत्कारी रुद्राक्ष, सकन्ध पुराण और लिंग पुराण में कहा गया है कि रुद्राक्ष से आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ता है, कार्य, व्यवसाय, व्यापार में अपार सफलता दिलवाता है, रुद्राक्ष सुख समृद्धि प्रदान करता है, साथ ही साथ पाप, शाप, ताप से भी भक्त की...